विचारों के आदान-प्रदान के लिए व्यक्ति का बहुभाषी एक स्वाभाविक
प्रक्रिया होती है। विश्व की अन्य भाषाओं मेन संजोकर रखी हुई धरोहर में तभी
साझीदार बना जा सकता है जब हम उन भाषाओं की अर्थछटाओं को पहचानने में समर्थ बनें। यह
सामर्थ्य परस्पर संवाद सहयोग से पल पल प्रबल होती है। इसी से चिंतन बहुआयामी बनता
है। इसीलिए भाषा कहें अथवा बहुभाषिकता, यह एक ऐसा उपकरण
है जिससे दुनिया के किसी भी स्थान पर बैठकर व्यक्ति अपने को अकेला और असहाय महसूस
नहीं करता। लेकिन आज के व्यस्त समय में प्रत्येक व्यक्ति का बहुभाषिक होना संभव
नहीं है। यहाँ तक कि बचपन से ही अपने परिवेश में न रहने के कारण वह कभी कभी अपनी
प्रांतीय बोलियों पर से भी अधिकार खो बैठता है। ऐसी स्थिति में अनुवाद ही एकमात्र
ऐसा माध्यम है जो हमें बहुभाषी समाज से संप्रेषण करने के योग्य बनाता है। और निम्न
समाजों की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं राजनैतिक परिस्थितियों से
अवगत कराता है।
अनुवाद एक ऐसी विधा है जिसको आज बदलते
भूमंडलीकरण के दौर में एक महत्वपूर्ण आयाम के रूप में देखा जा सकता है। बदलती
ज्ञानावश्यकता को पूरा करने के लिए अनुवाद एक सक्षम स्तंभ की भूमिका निभा रहा है।
विभिन्न संस्थानों के विभिन्न विभागों में आज शोधार्थी अनुवाद के क्षेत्र में
अग्रसर हैं। किंतु विडम्बना यह है कि शोधार्थियों को उनकी मौलिकता और उनके अनुवाद
कौशल हेतु उपयुक्त स्रोत उपलब्ध नहीं हो पाते। इसी कारण को ध्यान में रखते हुए
अनुवाद ई-जर्नल का निर्माण किया गया जो एक सशक्त माध्यम के रूप में आने वाले समय
में अनुवाद में अध्ययनरत शोधार्थियों के लिए उपलब्ध होगा। यह ई जर्नल अनुवाद के संबंधित शोध आलेखों, आलेखों एवं विभिन्न भाषाओं के प्रायोगिक अनुवाद के माध्यम से अनुवाद के
शोधार्थियों को लाभान्वित करता रहेगा। साथ ही साथ उनकी मौलिक सृजन शक्ति से संबंधित लेखन कार्य को भी आमंत्रित करेगा। आज का युग तकनीकी युग है। समय का अभाव
हर किसी को परेशानी में डाले हुए है।
अनुवाद ई जर्नल (ब्लॉग) का आरंभ करने का मुख्य प्रयोजन शोधार्थी समय का सदुपयोग करते हुए अपने रचनाएँ, आलेख अन्य विद्यार्थियों के साथ सांझा कर सके। अनुवाद शोध मंच द्वारा संचालित उक्त ई जर्नल शोधार्थियों को अनुवाद के क्षेत्र से संबन्धित वर्तमान गतिविधियों से अद्यतन करने का प्रयास करने के साथ साथ उनके ज्ञान में वृद्धि करने हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगा।
अनुवाद ई जर्नल (ब्लॉग) का आरंभ करने का मुख्य प्रयोजन शोधार्थी समय का सदुपयोग करते हुए अपने रचनाएँ, आलेख अन्य विद्यार्थियों के साथ सांझा कर सके। अनुवाद शोध मंच द्वारा संचालित उक्त ई जर्नल शोधार्थियों को अनुवाद के क्षेत्र से संबन्धित वर्तमान गतिविधियों से अद्यतन करने का प्रयास करने के साथ साथ उनके ज्ञान में वृद्धि करने हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगा।
सुधीर जिंदे डॉ. अनवर सिद्दीकी
(अध्यक्ष) (निदेशक)
अनुवाद शोध मंच अनुवाद शोध मंच
No comments:
Post a Comment